UGC के नए नियमों का विरोध तेज, जगद्गुरु परमहंस ने PM को लिखा पत्र, कहा- वापस लें या इच्छामृत्यु की दें इजाजत
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चंद्रशेखर आजाद ने बिल को बताया जरूरी
यूजीसी की ओर से लागू किए गए ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम, 2026’ पर जारी विवाद पर भीम आर्मी के प्रमुख और आजाद समाज पार्टी के नेता चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जिन लोगों को लगता था कि कमजोर वर्ग के बच्चों से भेदभाव करना उनका जन्मसिद्ध अधिकार है, उन्हीं लोगों को दिक्कत हो रही है। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आज भी एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लोग देश में सबसे ज्यादा शोषण झेल रहे हैं। टैक्स भी दे रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को लेकर कोई गंभीरता से बात नहीं करता।
चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया कि यूजीसी की नई गाइडलाइन में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसका विरोध किया जाए। उल्टा, इस गाइडलाइन के उद्देश्यों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को शामिल किया गया है, जिससे ईडब्ल्यूएस वर्ग के बच्चों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी के भीतर सामाजिक न्याय की वास्तविक भावना है, तो वह एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के पक्ष में ही हो सकती है। उन्होंने यूजीसी नियमों के विरोध को निराधार बताते हुए कहा कि यह कमजोर वर्गों के हित में लाया गया है और इसका विरोध करना सामाजिक न्याय के खिलाफ है।
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